Online EPF Withdrawal कैसे करें ?

जब तक व्यक्ति नौकरी कर रहा होता है, तब तक वह ईपीएफ खाते में बिना शर्त योगदान देता रहता है। लेकिन जब कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ देता है और ईपीएफ फंड को वापस लेना चाहता है; वह प्रक्रियाओं और कागज़ी कार्यवाही मे उलझ के रह जाता है I ईपीएफ पैसा कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई है। अतीत मे कर्मचारी के लिए अपने ईपीएफ की निकासी ( EPF Withdrawal ) मुश्किल था I कर्मचारी को नियोक्ता से लेकर ईपीएफ दफ़्तर के चक्कर लगाने पड़ते थे I

लेकिन शुक्र है कि भारत सरकार ने ईपीएफ निकासी प्रक्रिया को लगभग पूरी तरह से सुव्यवस्थित कर दिया है।
वर्तमान ईपीएफ निकासी (EPF Withdrawal ) प्रक्रिया आसान और पारदर्शी है। इस योजना के तहत, प्रत्येक ईपीएफ खाते को यूएएन के साथ जोड़ा जाता है I
व्यक्ति के अपने पूरे कैरियर के दौरान समान यूएएन सक्रिय होगा। यह ईपीएफ खाते की पोर्टेबिलिटी में मदद करेगा I अब कर्मचारी कंपनी बदले या दूसरे राज्य मे जाए, वही एक यूएएन नंबर सभी नए पीएफ खातों को शामिल करेगा।

अब देखते हैं कि रिटायरमेंट के बाद या समय से पहले ईपीएफ का पैसा कैसे निकाला जा सकता है।

ईपीएफ निकासी आवेदन से पहले ईपीएफ बैलेंस देखें I

आप EPF Mobile APP डाउनलोड करके पीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं I

एसएमएस के जरिए पता करें अकाउंट बैलेंस

आप अपना बैलेंस जानने के लिए ईपीएफओ एसएमएस सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं। मैसेज के जरिए ईपीएफओ बैलेंस जानने के लिए आपका मोबाइल नंबर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर ( UAN ) के साथ रजिस्टर्ड होना जरूरी है। एसएमएस के जरिए ईपीएफ बैलेंस चेक करने के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज में EPFOHO UAN ENG लिख के 7738299899 पर भेजना होगा। मैसेज की सुविधा अँग्रेज़ी, हिन्दी के साथ अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध है।

मिस्ड कॉल सेवा: यूएएन पोर्टल पर पंजीकृत सदस्य अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से ‘011-22901406’ पर मिस्ड कॉल देकर ईपीएफओ से प्राप्त कर सकते हैं I

COMMON UAN है बेनीफिशियल?

एक UAN होने का सबसे अच्छा लाभ यह है कि, व्यक्ति अपने ईपीएफ फंड को एक खाते से दूसरे खाते में स्वयं ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकता है।

यह उन जरूरतमंद लोगों के लिए है जिन्होंने नौकरी बदल दी है लेकिन अपनी पिछली कंपनियों के पीएफ बैलेंस को पोर्ट नहीं कराया है।

इससे पहले ईपीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं थी। इसलिए कर्मचारी ईपीएफ फंड को स्थानांतरित करने के लिए केवल नियोक्ताओं पर निर्भर थे।

लेकिन अब कर्मचारी खुद अपने एपफ़ बचत को ट्रांसफर या पोर्ट कर सकते हैं I ऐसा क्यूँ ना हो ? आख़िर ईपीएफ की बचत कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई है, यही तर्कसंगत भी है।

यदि व्यक्ति ने स्थायी रूप से नौकरी छोड़ दी है, तो इस मामले में, व्यक्ति ईपीएफ शेष राशि बैंक खाते में वापस ले सकता है।

लेकिन ईपीएफ की ऑनलाइन निकासी में एक महत्वपूर्ण बिंदु है UAN को जानना। ये एक 12 अंको की संख्या है जो हर कर्मचारी के लिए अलग होती है I

क्या करें अगर आप अपने UAN नहीं जानते हैं?

ईपीएफओ के तरफ से सभी वैध पीएफ नंबर धारकों को यूनीक UAN आवंटित किया जाता है I इसकी जानकारी नियोक्ता या कंपनी को भी भेजी जाती है I

इसलिए, अपने यूएएन को जानने के लिए, कंपनी एचआर से संपर्क कर पूछ सकते है।

यदि कंपनी आपके यूएएन की जानकारी में देरी कर रही है, तो चिंता न करें।

अपना यूएएन जानने के लिए आपको केवल पीएफ खाता संख्या की आवश्यकता होगी।

अपने वेतन पर्ची से अपना पीएफ नंबर प्राप्त करें। अपने UAN की स्थिति की स्वयं जाँच के लिए इस लिंक का उपयोग करें।

ऑनलाइन ईपीएफ निकासी प्रक्रिया क्या है?

यदि किसी ने सेवानिवृत्ति ले ली है (भले ही वह समय से पहले हो), तो व्यक्ति अपने ईपीएफ फंड को क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय में Form -19 (UAN) दाखिल और जमा करके वापस ले सकता है।

यदि कोई व्यक्ति ईपीएफ फंड को आंशिक रूप से निकालना चाहता है, तो यह भी संभव है। इस मामले में एक को Form – 31 (UAN) भरना होगा।

ईपीएफओ ई-सेवा पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन के माध्यम से अपना पीएफ ऑनलाइन आसानी से निकाल सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गये चरणों का आपको पालन करना है:

चरण 1: सुनिश्चित करें कि केवाईसी विवरण यूएएन खाते में डाले गए हैं

Epfindia.gov.in  वेबसाइट पर जाएं और अपने खाते में लॉगिन करें।

यहां निम्नलिखित दस्तावेज स्वीकृत केवाईसी टैब में दिखाई देने चाहिए।

बैंक खाता,
पैन और
कर्मचारी अनुमोदन के लिए इन दस्तावेजों को स्व-अपलोड भी कर सकता है। नियोक्ता जब इन प्रस्तुत दस्तावेजों को मंजूरी दे देता है, तब दस्तावेजों को सीज कर दिया जाता है I अब कोई भी अपने ईपीएफ का दावा करने के लिए तैयार है।

चरण 2: सुनिश्चित करें कि “शामिल होने और बाहर निकलने की तारीख” यूएएन में प्रदान की गई है

आपकी ज्वाइनिंग की तारीख और नौकरी छोड़ने तिथियों की जाँच करें I यदि तारीख उपलब्ध नही है तो अपने पूर्व-नियोक्ता से अपने यूएएन में उसे अपडेट करने के लिए कहें। एक नियोक्ता जल्द से जल्द दोनों तारीखों को अपडेट करने के लिए बाध्य है।

चरण 3: आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर की जाँच करें

जाँचने के लिए uidai.gov.in वेबसाइट पर जाएं और अपने मोबाइल को सत्यापित करें।

यह महत्वपूर्ण क्यों है?

आपका आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर का उपयोग ओटीपी के माध्यम से आपके ईपीएफ निकासी आवेदन को प्रमाणित करने के लिए किया जाएगा।

ईपीएफ निकासी क्लेम फॉर्म से ठीक पहले OTP प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है. आधार लिंक किए गए फोन नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
एक बार जब व्यक्ति इस ओटीपी को दर्ज कर लेता है, तो दावा फॉर्म अंतिम रूप से जमा हो जाता है।

चरण 4 : निकासी का कारण चुनें I

आपको एक ड्रॉपडाउन मेनू मिलेगा, जिसमें से आपको अपने पीएफ खाते से निकासी का कारण चुनना होगा।
विवरण दर्ज करें और दस्तावेज अपलोड करें I जब आप निकासी का कारण चुनते हैं, तो आपको अपना पूरा पता दर्ज करना होगा, और यदि आप एडवांस क्लेम ’का विकल्प चुना है, तो आपको अपना चेक / पासबुक विवरण अपलोड करना होगा। सत्यापन के लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का अनुरोध करने से पहले आपको नियम और शर्तों को स्वीकार करना होगा।

आधार ओटीपी प्राप्त करें – एक बार जब आप अपने दर्ज विवरण की पुष्टि कर लेते हैं और ‘नियम और शर्तें’ स्वीकार कर लेते हैं, तो आपको एक ओटीपी का अनुरोध करना होगा, जिसे आपके आधार के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। ओटीपी दर्ज करने पर, आपका दावा आवेदन जमा किया जाएगा।

अपना दावा जमा करने के बाद, आप, ट्रैक क्लेम स्टेटस ’के तहत अपने दावों की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आपके दावे के सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया पूरा करने के बाद , राशि आपके यूएएन के साथ जुड़े बैंक खाते में जमा की जाएगी। पढ़ें : Risk free investment: निवेश के 6 बेहतरीन विकल्प

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